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नशा मुक्ति इलाज के बाद सबसे बड़ा डर होता है — Relapse
बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर किसी व्यक्ति ने दोबारा नशा कर लिया, तो पूरा इलाज बेकार हो गया। यह सोच गलत है और रिकवरी की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाती है।

Relapse का मतलब असफलता नहीं, बल्कि यह संकेत है कि इलाज या समर्थन में कहीं सुधार की जरूरत है।

यह ब्लॉग विस्तार से बताएगा:

  • relapse क्या होता है

  • relapse क्यों होता है

  • इसके शुरुआती संकेत क्या हैं

  • इससे बचाव कैसे संभव है

  • परिवार की भूमिका क्या होती है


Relapse क्या होता है

Relapse का मतलब है:
नशा छोड़ने के बाद व्यक्ति का फिर से नशे की ओर लौट जाना

यह तीन स्तरों में होता है:

  1. भावनात्मक relapse

  2. मानसिक relapse

  3. शारीरिक relapse

Relapse अक्सर धीरे-धीरे शुरू होता है, अचानक नहीं।


भावनात्मक Relapse

इस चरण में व्यक्ति नशा नहीं करता, लेकिन:

  • भावनाओं को दबाता है

  • तनाव को नजरअंदाज करता है

  • गुस्से या अकेलेपन में रहता है

  • मदद लेने से बचता है

यहीं से relapse की नींव पड़ती है।


मानसिक Relapse

इस चरण में:

  • नशे के बारे में सोच आने लगती है

  • पुराने अनुभव याद आने लगते हैं

  • “एक बार तो ठीक है” जैसे विचार आते हैं

यह सबसे खतरनाक चरण होता है।


शारीरिक Relapse

इस चरण में व्यक्ति:

  • दोबारा नशा कर लेता है

लेकिन याद रखें — यह अंत नहीं है।


Relapse क्यों होता है

Relapse के कई कारण हो सकते हैं।


1. अधूरा इलाज

  • सिर्फ detox पर ध्यान

  • काउंसलिंग की कमी

  • आफ्टर-केयर न होना

अधूरा इलाज relapse को आमंत्रित करता है।


2. ट्रिगर्स की पहचान न होना

ट्रिगर्स जैसे:

  • पुराने दोस्त

  • तनाव

  • अकेलापन

  • गुस्सा

  • पारिवारिक झगड़े

बिना तैयारी के ये relapse का कारण बनते हैं।


3. आत्मविश्वास की कमी

“मैं नहीं कर पाऊंगा” जैसी सोच
व्यक्ति को कमजोर बनाती है।


4. अत्यधिक आत्मविश्वास

“अब मुझे कुछ नहीं होगा”
यह सोच भी खतरनाक होती है।


5. परिवार का गलत रवैया

  • बार-बार ताना मारना

  • अविश्वास

  • पुरानी गलतियां याद दिलाना

यह व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ देता है।


Relapse के शुरुआती संकेत

समय रहते पहचान जरूरी है।

संकेत:

  • मूड स्विंग

  • चिड़चिड़ापन

  • अकेले रहना

  • काउंसलिंग से दूरी

  • दिनचर्या बिगड़ना

इन संकेतों को हल्के में न लें।


Relapse से बचाव कैसे संभव है


मजबूत दिनचर्या बनाएं

  • समय पर सोना-जागना

  • नियमित व्यायाम

  • स्वस्थ भोजन

अनुशासन cravings को कम करता है।


काउंसलिंग और सपोर्ट जारी रखें

इलाज खत्म होने के बाद भी:

  • नियमित काउंसलिंग

  • सपोर्ट ग्रुप

जरूरी होते हैं।


ट्रिगर्स से दूरी और रणनीति

  • पुराने संपर्क तोड़ना

  • तनाव से निपटने के तरीके

  • “ना” कहना सीखना

तैयारी relapse रोकती है।


भावनाओं को व्यक्त करना सीखें

  • बात करना

  • लिखना

  • ध्यान और योग

भावनाओं को दबाना relapse का रास्ता बनाता है।


परिवार की भूमिका Relapse रोकने में

परिवार को चाहिए:

  • धैर्य रखना

  • सकारात्मक संवाद

  • प्रगति की सराहना

  • सीमाएं स्पष्ट रखना

परिवार समर्थन बने, दबाव नहीं।


अगर Relapse हो जाए तो क्या करें

  • शर्मिंदा न करें

  • तुरंत मदद लें

  • इलाज को फिर से शुरू करें

  • कारण समझें

Relapse को सीख की तरह देखें।


Relapse और आत्म-सम्मान

Relapse के बाद व्यक्ति खुद को:

  • कमजोर

  • असफल

  • बेकार

समझने लगता है।
यह सोच सबसे खतरनाक होती है।


दीर्घकालिक रिकवरी की सोच

रिकवरी:

  • एक दिन का काम नहीं

  • एक यात्रा है

धैर्य और निरंतरता सफलता की कुंजी हैं।


नशा मुक्ति के बाद नई जिंदगी

रिकवरी के बाद:

  • रिश्ते सुधरते हैं

  • स्वास्थ्य बेहतर होता है

  • आत्म-विश्वास लौटता है

Relapse से डरना नहीं, समझना जरूरी है।


अंतिम विचार

Relapse का मतलब हार नहीं है।
यह याद दिलाता है कि रिकवरी को निरंतर देखभाल और समर्थन चाहिए।

नशा एक बीमारी है
और रिकवरी एक प्रक्रिया।

समझ
समर्थन
और सही मार्गदर्शन

Relapse को भी रिकवरी का हिस्सा बना सकता है।


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