नशा छोड़ना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, उससे कहीं ज्यादा कठिन होता है — नशा छोड़कर उसे लंबा बनाए रखना।
कई लोग बहुत मेहनत, हिम्मत और संघर्ष के बाद नशा छोड़ देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद दुबारा नशा करने लगते हैं। इसे ही कहते हैं Relapse (पुनः नशे में लौटना)।
Relapse कोई असफलता नहीं है, बल्कि recovery की प्रक्रिया का एक हिस्सा माना जाता है।
लेकिन सही ज्ञान, सही माहौल और सही रणनीतियों के साथ relapse को बहुत हद तक रोका जा सकता है।
यह ब्लॉग लगभग 1700+ शब्दों में बताएगा:
- रिलैप्स क्या है और क्यों होता है
- दिमाग में रिलैप्स के दौरान क्या होता है
- रिलैप्स के 3 चरण
- ऐसे triggers जो relapse करवाते हैं
- रिलैप्स रोकने की सबसे प्रभावी strategies
- cravings को कंट्रोल करने के तरीके
- परिवार की भूमिका
- मनोवैज्ञानिक तकनीकें जो relapse रोकती हैं
- relapse होने पर क्या करें?
अगर आप या कोई अपना नशा छोड़ने की प्रक्रिया में है, तो यह ब्लॉग जीवन बदल देने वाला हो सकता है।
रिलैप्स क्या होता है?
Relapse का मतलब है नशा छोड़ने के बाद दोबारा नशे की ओर लौटना।
यह कई कारणों से होता है:
- मानसिक तनाव
- भावनात्मक कमजोरी
- गलत माहौल
- triggers
- cravings
- withdrawal की परेशानी
- कमजोर मानसिक तैयारी
रिलैप्स लगभग हर addictive substance में देखा जाता है:
- शराब
- तम्बाकू
- अफीम
- हेरोइन
- ड्रग्स
- निकोटिन
- painkillers
- गांजा
- सिगरेट
Addiction brain disease है, इसलिए relapse भी neurological reaction है।
रिलैप्स के 3 चरण (Scientifically Proven)
रिलैप्स अचानक नहीं होता, इसके तीन चरण होते हैं:
1. Emotional Relapse (भावनात्मक स्तर पर शुरुआत)
इस चरण में व्यक्ति नशा तो नहीं करता, लेकिन उसका मन, व्यवहार और भावनाएँ relapse की दिशा में बढ़ने लगती हैं।
लक्षण:
- गुस्सा
- बेचैनी
- नींद की कमी
- ओवरथिंकिंग
- खुद को दूर करना
- भावनाओं से बचना
- तनाव बढ़ना
2. Mental Relapse (मानसिक इच्छा बढ़ना)
इस चरण में नशे के विचार, यादें और cravings बढ़ जाती हैं।
लक्षण:
- “बस एक बार…”
- पुराने दोस्तों की याद
- नशे वाली जगहों पर जाने का मन
- दिमाग में नशे का स्वाद याद आना
- खुद से लड़ाई: करना है या नहीं
3. Physical Relapse (शारीरिक रूप से नशा करना)
इस चरण में व्यक्ति पूरी तरह वापस नशा कर लेता है।
दिमाग में रिलैप्स के दौरान क्या होता है?
रिलैप्स neurological event है।
नशे से artificial dopamine रिलीज होता है, जिससे brain reward center activate हो जाता है।
दिमाग को याद आता है:
- वह pleasure
- वह आराम
- वह excitement
- वह stress relief
Brain इस pleasure की तुलना किसी और चीज़ से नहीं कर सकता।
इसलिए cravings के समय दिमाग logical नहीं, emotional decision लेता है।
रिलैप्स के सबसे खतरनाक Triggers
Triggers वे चीजें हैं जो craving को activate करती हैं।
1. लोग (People)
- वे दोस्त जिनके साथ नशा होता था
- नशा करने वाला साथी
- पुराने group
2. स्थान (Places)
- बार
- क्लब
- पार्क
- घर का कोई special corner
- छत
- गली
- ऑफिस smoke area
3. भावनाएँ (Emotions)
- तनाव
- उदासी
- अकेलापन
- गुस्सा
- बोरियत
- guilt
- डर
4. समय (Time of day)
कुछ लोगों को रात, कुछ को शाम या सुबह cravings आती है।
5. म्यूजिक या Memories
नशे से जुड़ी धुनें या यादें cravings वापस ला देती हैं।
रिलैप्स रोकने के बेहद प्रभावी तरीके
अब जानते हैं वे strategies जो relapse रोकने में scientifically सबसे ज़्यादा कारगर हैं।
1. Trigger-Free Environment बनाएं
जहाँ triggers नहीं होंगे, वहाँ relapse की संभावना 70% घट जाती है।
कैसे?
- नशा करने वाले दोस्तों से दूरी
- नशे वाली जगहों पर न जाना
- घर से शराब/सिगरेट हटाना
- अकेले न रहना
- रात में बाहर न घूमना
2. Strong Daily Routine बनाएं
रूटीन दिमाग को disciplined रखता है।
एक sample routine:
- सुबह 6 बजे: breathing
- 7 बजे: योग/वॉक
- 9 बजे: हेल्दी नाश्ता
- 10–5 बजे: काम
- शाम 6 बजे: वॉक या हॉबी
- 8 बजे: परिवार के साथ समय
- 10 बजे: meditation और sleep
3. Urge Surfing Technique (Craving Control Trick)
यह तकनीक cravings को 10–15 मिनट में खत्म कर देती है।
स्टेप्स:
- cravings आए तो घबराएँ नहीं
- उसे notice करें
- शरीर में कहाँ महसूस हो रही है — observe करें
- बिना नशा किए उसे गुजरने दें
Cravings waves की तरह होती हैं — आएँगी और चली जाएँगी।
4. HALT Model (सबसे Powerful Technique)
HALT चार स्थितियाँ हैं जिसमें relapse सबसे ज्यादा होता है:
- H: Hungry (भूख)
- A: Angry (गुस्सा)
- L: Lonely (अकेलापन)
- T: Tired (थकान)
अगर इन चार चीजों को कंट्रोल कर लिया जाए, तो relapse की संभावना बहुत घट जाती है।
5. Stress Management Techniques
Stress → craving → relapse
इस loop को तोड़ना जरूरी है।
उपाय:
- Deep Breathing
- Meditation
- Listening to calm music
- Walk
- Nature time
- किससे बात करना
6. Support System बनाएँ
अकेला व्यक्ति relapse के करीब होता है।
सहयोग relapse रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
Support system में शामिल हों:
- परिवार
- दोस्त (non-addict)
- support groups
- counsellor
7. Healthy Dopamine Activities अपनाएँ
Addiction → dopamine गलत तरीके से रिलीज
Healthy activities → dopamine natural release
Activities:
- योग
- संगीत
- यात्रा
- खेल
- पढ़ना
- खाना बनाना
- art
- gardening
8. Self-Talk और Affirmations
Positive self-talk cravings को कमजोर करता है।
जैसे:
- “मैं strong हूँ।”
- “यह craving गुजर जाएगी।”
- “मैं अपने आप पर काम कर रहा हूँ।”
- “मैं relapse नहीं करूँगा।”
9. Relapse Prevention Plan बनाएँ
आपको पहले से पता होना चाहिए:
- craving आए तो क्या करना है
- किसे फोन करना है
- कहाँ जाना है
- कौन सी activity करनी है
- triggers से कैसे बचना है
10. Professional Help लें
अगर cravings बहुत ज्यादा हों:
- counsellor
- psychologist
- addiction specialist
- group therapy
इनकी मदद लेना सबसे अच्छा तरीका है।
11. Journaling (भावनाएँ लिखना)
अपने मन की बातें लिखना:
- stress कम करता है
- guilt हटाता है
- clarity देता है
12. Proper Sleep और Healthy Diet
नींद और खाना सीधे cravings को प्रभावित करते हैं।
अच्छी नींद:
- दिमाग को शांत करती है
- mood stabilize करती है
हेल्दी डाइट:
- energy देती है
- withdrawal symptoms कम करती है
13. Relapse Warning Signs पहचानें
अगर ये signs दिखें, तो समझ जाएँ relapse करीब है:
- चिड़चिड़ापन
- नींद की कमी
- गुस्सा बढ़ना
- loneliness
- ज्यादा stress
- पुरानी यादें
- नशे वाले दोस्तों से बात
14. High-Risk Situations से बचें
जैसे:
- पार्टी
- celebration
- देर रात बाहर
- बहस
- emotional breakdown
15. 24-Hour Focus Technique
सिर्फ आज के दिन पर फोकस करें।
कल की चिंता न करें।
हर सुबह कहें:
“सिर्फ आज नशा नहीं करूँगा।”
परिवार की भूमिका relapse रोकने में
1. समझ दिखाएँ
तनाव न दें।
मरीज already संघर्ष कर रहा है।
2. प्रोत्साहन दें
छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें।
3. सुरक्षित वातावरण बनाएं
घर में alcoholic चीजें न रखें।
4. भावनात्मक support
मरीज को महसूस कराएँ कि वह अकेला नहीं है।
अगर relapse हो जाए तो क्या करें?
रिलैप्स शर्म की बात नहीं — यह recovery का हिस्सा है।
रिलैप्स होने पर:
- खुद को दोष न दें
- तुरंत मदद लें
- triggers समझें
- प्लान अपडेट करें
- support person से बात करें
- दोबारा शुरू करें
हर दिन एक नया मौका है।
निष्कर्ष
Relapse addiction journey का हिस्सा है, लेकिन सही रणनीतियों से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बातें:
- triggers पहचानें
- cravings से न डरें
- सही routine बनाएँ
- healthy dopamine activities अपनाएँ
- परिवार और counsellor का support लें
अगर आप इन steps को दैनिक जीवन में अपनाते हैं,
तो नशा मुक्ति सिर्फ संभव नहीं —
स्थायी भी बन सकती है।